राग - راگ

राग Raga, musical composition

masculine noun

Examples :

  • राग दरबारी Court music
  • राग और ऋतु Ragas and seasons
  • राग के प्रकार The types of ragas
  • राग का परिचय Introduction to the raga
  • सभी ४३ रागों का अभ्यास The practice of 43 ragas
  • राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं The ragas are the soul of classical Indian music
  • 'राग' में कम से कम पाँच और अधिक से अधिक सात स्वरों होते हैं In a raga it at least five notes and seven at the most
  • राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है। रंज् का अर्थ है रंगना The word raga comes from the word "ranj" which means in Sanskrit color, impregnate
  • राग भैरव प्रभात बेला का प्रसिद्ध राग है The raga bhairav ​​pratabh baila is a famous raga
  • राग दरबारी कान्हडा, तानसेन द्वारा बनाया हुआ राग है The music of the Kanada court was created by Tansen
  • यह राग शांत और गम्भीर वातावरण पैदा करता है This melody produces an atmosphere of serene and grave
  • इस राग में गंधार और धैवत पर आंदोलन किया जाता है There is in this raga a movement with the notes ghandhara and dhaivat
  • भारतीय संगीतशास्र में रागों के भाव, ॠतु व समय का वर्गीकरण किया गया है Indian musicology has classified the ragas by emotions, seasons and moments of the day
  • किसी भी राग में अधिक से अधिक सात व कम से कम पाँच स्वरों का प्रयोग करना आवश्यक है For a raga, it is necessary to use seven maximum and five minimum
  • इस तरह रागों को मूलत: तीन जातियों में विभाजित किया जा सकता है In this way the ragas are classified into three categories
  • औडव जाति - जहाँ राग विशेष में पाँच स्वरों का प्रयोग होता हो The category audav where 5 notes are used specifically in the raga
  • षाडव जाति - जहाँ राग में छ: स्वरों का प्रयोग होता हो The shadav category where 6 notes are specially used in the raga
  • संपूर्ण जाति - जहाँ राग में सभी सात स्चरों का प्रयोग किया जाता हो The complete category where all seven notes are used in the raga
  • रागदरबारी विख्यात हिन्दी साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल की प्रसिद्ध व्यंग्य रचना है जिसके लिये उन्हें सन् 1970 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया Raag Darbari is a famous satirical work in Hindi by Srilal Shukla for which he was awarded the literary academy prize in 1970